पत्र - सड़क समस्या पर

 B-118, Adarsh Nagar
Mubai

December 21, 2010

The Editor
Indian Express
Mumbai

sir ,
I would like to bring to the notice of the authorities through the columns of your esteemed paper the poor condition of roads and streets of our locality.

The roads in Adarsh Nagar are in bad shape, having pits at every step and the pits leads to road accidents. During the rainy season they get filled with dirty water . Mosquitoes get place to breed which leads to out break of diseases like malaria . The general condition of our locality is in very bad shape. Nobody comes for sweeping , so one can see heaps of rubbish scattered all around.
It is high time the authorities wake up and take effective remedial steps.

Yours faithfully
XYZ 

बी-118, आदर्श नगर
मुंबई

दिसंबर 21, 2010
संपादक महोदय
इंडियन एक्सप्रेस
मुंबई

श्रीमान ,
हमारे इलाके में सड़कों एवं गलियों की हुई पड़ी दुर्दशा की तरफ आपके सम्माननीय पत्र के एक स्तभ द्वारा सम्बंधित विभाग के उच्चाधिकारीयों का धनाकर्षण चाहता हूँ !

आदर्श नगर की सड़कें बुरी दशा में हैं , हर कदम पर गड्ढे बने हैं , अक्सर ये गड्ढे दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं ! बारिश के मौसम में ये गंदले पानी से भर जाते हैं और तब मच्छरों को इसमें प्रजनन के लिए उचित परिस्थितीयां उपलब्ध होती हैं जोकि मलेरिया जैसी कई अन्य बीमारियों के प्रकोप का कारण बनती हैं ! हमारे इलाके की सामान्य स्थिति बड़ी ही बुरी दशा में है ! कोई भी झाड़ू लगाने नहीं आता है , इसलिए यहाँ चारों तरफ गन्दगी के ढेर बिखरे पड़े देखे जा सकते हैं ! यह चरम है और अब सम्बंधित अधिकारीयों को नींद से जाग कर असरदार सुधारात्मक कदम उठाने ही होंगे !

आपका भवदीय
अ ब स

अनुवाद ● जोगेन्द्र सिंह Jogendra Singh Thu, Jan 13, 2011 at 11:38 PM
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आल्हाद से निर्वासन

We, unaccustomed to courage
exiles from delight
live coiled in shells of loneliness
until love leaves its high holy temple
and comes into our sight
to liberate us into life.

Love arrives
and in its train come ecstasies
old memories of pleasure
ancient histories of pain.
Yet if we are bold,
love strikes away the chains of fear
from our souls.

We are weaned from our timidity
In the flush of love's light
we dare be brave
And suddenly we see
that love costs all we are
and will ever be.
Yet it is only love
which sets us free.

Maya Angelou 


असहज हैं हम साहसिक होने को
आल्हाद से निर्वासन
कुंडलित, अकेलेपन के खोल में
तब तक जब तक कि
प्रेम तज न दे अपना पवित्र मंदिर
और आ जाये हमारे संज्ञान में
जीवन में हमें आजाद करने
प्रेम का प्रस्फुटन
और धारा इसकी, लाती है परमानन्द
खुशियों भरी यादें पुरानी
प्राचीन इतिहास दर्द भरे
हों निर्भीक हम, तब भी
प्रेम पराजय देता है भय को
हमारी आत्मा की गहराई से
होते हैं कायरता से हम विमुख
प्रेम आवेग के आलोक में
साहस की पा जाते हैं हिम्मत
और अचानक हम देखते हैं
कि प्यार कीमती है हम सभी के लिए
और रहेगा, हमेशा
यह केवल प्रेम ही है

अनुवाद ● जोगेन्द्र सिंह Jogendra Singh Thu, Dec 23, 2010 at 4:40 AM
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ईश्वर ही की सेवा

The service of mankind is the service of God. There is not a single religion which does not preach the ideal of service to humanity. The idea that God loves those who love their fellow men is rightly brought out by the famous poet Leigh Hunt in his poem Abou Ben Adam . In a dream Abou saw an angel preparing a list of those who loved God. Abou's name did not figure in the list . But since he loved his fellow men , his name was put at the top in the list of those whom God had blessed. Mother Teresa was a living example of a lady who had dedicated her life to the service of the poorest of the poor , the dying and the destitute. For her noble deeds she is praised throughout the world. Jesus once told the people ," I was hungry and you gave Me food, I was thirsty and you gave Me drink." What is given to man is directly given to God. 

मनुष्य जाति की सेवा एक तरह से ईश्वर ही की सेवा है ! यहाँ कोई एक भी ऐसा अकेला धर्म नहीं है जो मानवता की सेवा का उपदेश ना देता हो ! प्रसिद्द कवि "लेफ हंट" ने अपनी कविता "अबू बेन एडम" से उल्लेखित किया है एक ऐसा विचार जिसमें ईश्वर उनसे प्रेम रखता है जो उसके मानने वालों से प्रेम करते हैं ! अपने एक स्वप्न में अबू ने क्या देखा कि एक परी उनके नामों कि सूची बना रही है जिन्होंने ईश्वर को प्रेम किया ! अबू का अपना नाम उस सूची में दीगर नहीं हो रहा था ! परन्तु चूँकि उसने अपने साथी मनुष्यों से प्रेम किया था, उसका नाम उन लोगों में सबसे ऊपर मिला जिन्हें स्वयं भगवान का आशीष मिला होता है ! "मदर टेरेसा" एक महिला का एक जीवित उदाहरण थीं जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन उन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया था जो गरीब-गुरबार, मरते हुए और अभावग्रस्त लोग थे ! उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए वे सम्पूर्ण विश्व में पूजी जाती हैं ! एक बार जीसस ने लोगों को बताया "मैं भूखा था और तुमने मुझे खाना दिया, मैं प्यासा था और तुमने मुझे पीने को दिया !" जो कुछ भी आदमी को दिया जायेगा वह सीधे भगवान तक पहुँच जायेगा !

अनुवाद : जोगेन्द्र सिंह Jogendra Singh Thu, Dec 23, 2010 at 3:40 AM
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नोटिस - बाढ़ पीडितों की मदद

NOTICE
The cultural society of our building is going to organize a charity show in an aid of the flood victims of Leh . The show will be held at 5 p.m. on Saturday , 17 December, 2010, in building campus. Mr. Jogendra Singh , The President of the building , has kindly consented to preside.
Children interested in participating in the show should give their namesto the undersigned in the morning latest by 16 December, 2010.

Secretary , Maulshree building
12 December, 2010
Worli


एक सूचना :-
हमारी भवन सांस्कृतिक संस्था लेह के बाढ़ पीडितों की सहायतार्थ एक परोपकार समारोह आयोजित करने जा रही है ! यह समरोह शनिवार दिनांक 17-दिसंबर-2010 सायंकाल 5 बजे हमारे भवन समूह परिसर में आयोजित होगा ! श्रीमान जोगेन्द्र सिंह , जोकि हमारे भवन सबुह के कार्यकारी व्यवस्थापक हैं उन्होंने सभापति बनने की अनुमति भी दे दी है !
भाग लेने के इच्छुक बच्चे अपनी हस्ताक्षरयुक्त अर्जियां 16 दिसंबर, 2010 से पहले जमा करवा दें !

सचिव , मौलश्री भवन समूह,
12 दिसंबर, 2010
वर्ली.

अनुवाद : जोगेन्द्र सिंह Jogendra Singh  Mon, Dec 20, 2010 at 3:58 PM
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पत्र - जलापूर्ति समस्या पर



Dec 14, 2010

The Editor
The Hindustan Times
Mumbai


sir ,
Through the esteemed columns of your newspaper, I wish to draw the attention of the municipal authorities towards the inadequate water supply in our locality. It is really very unfortunate that the Municipal Corporation of Mumbai is rather unconcerned about the provision of civic amenities to the public in our area in particular. water supplies goes off even at peak hours in the morning when everyone has got to get ready for the day. All this causes a great inconvenience to everyone.
May we expect the water supply will soon be regulated?

Yours truly
xyz


दिसंबर 14, 2010

संपादक महोदय
द हिंदुस्तान टाईम्स
मुंबई !

श्रीमान ,
आपके समाचारपत्र के सम्माननीय स्तंभ द्वारा, हमारे रहवास क्षेत्र विशेष में अपर्याप्त जल आपूर्ति की ओर महानगरपालिका के उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहूँगा ! यह देखना सच में दुर्भाग्यपूर्ण है कि निसंदेह ही हमारे क्षेत्र विशेष में मुंबई महानगरपालिका अपने जनता के प्रति प्रावधान वाली नागरी सुविधाओं के प्रति पूर्णतया उदासीन है ! सुबह के व्यततम घंटों के बीच भी पानी की आपूर्ति रुक जाया करती है , जबकि हर किसी को स्वयं को दिन भर के लिए तैयार करना होता है ! इस सब के कारण सभी के लिए एक बहुत बड़ी असुविधा नित प्रति उत्पन्न होती है !
हमें आशा है कि शीघ्रातिशीघ्र जलापूर्ति सामान्य हो जायेगी !

भवदीय
( अ ब स )
अनुवाद : जोगेन्द्र सिंह Jogendra Singh Thu, Dec 16, 2010 at 1:41 AM
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शक्कर से मीठा


A father one day asked his daughters , "what is the sweetest thing in the world?"  "Sugar !" said the elder daughter. "salt", said the younger daughter.
Her father thought that she was making fun of him , but she stuck to her opinion. The father was obstinate , but so was his daughter. A quarrel broke out between them over this small matter, and he drove her out of the house , saying: "As you think salt is sweeter than sugar , you had better find another home where the cooking is more to your taste. "

It was a beautiful summer night , and as the pretty maiden sat singing sadly in the forest around her father's cottage, a young prince , who had lost the way while hunting the deer , heard her voice, and came to ask her the way. Then struck by her beauty , he fell in love with her, took her home to his beautiful palace
and married her.

The bride invited her father to the wedding feast, without telling him that she was his daughter. All the dishes were prepared without salt, and the guests began to complain as they ate the tasteless food.  "There is no salt in the meat !" they said angrily.

"Ah!", said the bride's father . "salt is truly the sweetest thing in the world!  But when my daughter said so , I turned her out of my house . If only I could see her again and tell her how sorry I am !"

Drawing the bridal veil aside from her face , the happy girl went to her father and kissed him. Now properly salted dishes were brought in and all the guests were satisfied.

एक पिता ने किसी दिन अपनी पुत्री से पूछा , "क्या है जो दुनिया में सबसे अधिक मीठा है? "शक्कर" बड़ी बेटी ने तपाक से उत्तर दिया. "नमक" छोटी ने भी सुर मिला दिया.
पिता ने सोचा ज़रूर छोटी उसके साथ मजाक कर रही है. परन्तु वह अपने कथ्य से चिपकी ही रही. पिता ने उसे जिद्दी माना मगर क्यूँ थी वह ऐसे ? छोटी बट और एक बड़ी लड़ाई उनके बीच फूट पड़ी. और पिता ने उसे घर से बाहर की ओर खदेड़ दिया , कहते हुए  "जैसा कि तुम्हें नमक शक्कर की बनिस्पत कहीं अधिक मीठा प्रतीत होता है , तब तुम अधिक अच्छे से एक दूसरा घर तलाश पाओगी जहाँ तुम अपनी सोच-स्वाद को नए तरीकों से पका पाओगी."

गर्मियों की खूबसूरत रात थी यह , पिता के घर के पास वाले जंगल में प्यारी मैना का दुखभर गीत जारी था , कि अचानक हरिन के पीछे रास्ता भटके एक जवान राजकुमार ने उसे सुना और पास आकार अपने रस्ते के बारे में पूछा और उसकी सुंदरता को देख जड़वत रह गया , प्रेम में पड़ उसे अपने खूबसूरत महल में लिवा ले गया और शादी रचा बैठा.

दुल्हन ने शादी के समारोह में बिना पिता को बताये कि वह उसी की पुत्री है अपने पिता को भी आमंत्रित कर लिया. सभी व्यंजन बिना नमक के बनाये गए और मेहमानों की शिकायतें भी आनी शुरू हो गयीं कि क्या बेस्वाद भोजन है. गुस्से से बोले "माँस में नमक नाम की कोई चीज़ है ही नहीं".

"आह"पिता ने कहा. "सच में नमक संसार की सबसे मीठी शै है ! लेकिन जब मेरी बेटी ने इसे कहा तो मैंने उसे घर से बेदखल कर दिया . काश किसी तरह एक बार उसे मैं देख पाता और बता सकता कितना शर्मिंदा हूँ मैं !"

दुल्हन के सफ़ेद नकाब को अपने चेहरे से नौंचते हुए खुश हुई लड़की अपने पिता के पास गयी और उसे एक बोसा दिया. अब उचितत रीके से नमक में पकाई भोजन सामग्रियां परोसी गयीं और इस समय सारे मेहमान संतुष्ट थे.

अनुवाद : जोगेन्द्र सिंह ~ Jogendra Singh  Sun, Dec 12, 2010 at 5:50 PM

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